उत्तराखंड

देहरादून में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त, आशारोड़ी से मोहब्बेवाला तक सुरक्षा उपाय मजबूत

देहरादून – देहरादून में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की कवायद शुरू की है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई, जिसमें दुर्घटना संभावित क्षेत्रों, सड़क सुरक्षा साइनेज, स्ट्रीट एवं ट्रैफिक लाइट, मसूरी में रेस ड्राइविंग और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत समेत कई मुद्दों की समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को दुर्घटना संभावित स्थानों को चिन्हित कर वहां पर्याप्त संख्या में स्पष्ट और प्रभावी जागरूकता साइनेज लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने आशारोड़ी टनल के आसपास सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर सड़क सुरक्षा के जरूरी इंतजाम प्राथमिकता से करने को कहा।

आशारोड़ी क्षेत्र में अब तक 58 साइन बोर्ड, 485 मीटर रंबल स्ट्रिप्स, 1,880 मीटर मीडियन मार्कर और 500 मीटर सोलर स्टड्स लगाए जा चुके हैं। इन उपायों का उद्देश्य वाहन चालकों को सड़क पर मौजूद संभावित खतरों के प्रति पहले से सचेत करना है।

बैठक में शहर की खराब स्ट्रीट और ट्रैफिक लाइटों का भी संज्ञान लिया गया। जिलाधिकारी ने स्मार्ट सिटी के माध्यम से खराब लाइटों की तत्काल मरम्मत कराकर उन्हें चालू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था जरूरी है, इसलिए लाइटों के रखरखाव में लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

मसूरी क्षेत्र में रेस ड्राइविंग की घटनाओं पर भी प्रशासन ने सख्ती के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई करने और अधिक यातायात वाले संवेदनशील मार्गों पर निगरानी बढ़ाने को कहा।

मानसून और निर्माण कार्यों के कारण क्षतिग्रस्त हुई नगर निगम क्षेत्र की 92 सड़कों को गड्ढामुक्त कराने के लिए 46 जिला स्तरीय अधिकारियों की तैनाती की गई है। नामित अधिकारी अपने-अपने मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर गड्ढों, क्षतिग्रस्त हिस्सों और जरूरी मरम्मत कार्यों को चिन्हित करेंगे। निरीक्षण के दौरान फोटो सहित रिपोर्ट तैयार कर संबंधित सड़क विभाग और कार्यदायी संस्था को कार्रवाई के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।

सभी अधिकारियों को निरीक्षण पूरा कर दो दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, देहरादून को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए यातायात नियमों के पालन के साथ सुरक्षित सड़क संरचना, पर्याप्त रोशनी, स्पष्ट साइनेज, निगरानी और समयबद्ध मरम्मत भी जरूरी है। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ प्राथमिकता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, उप जिलाधिकारी मुख्यालय रविन्द्र ज्वांठा, पुलिस मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा, क्षेत्राधिकारी यातायात, अधीक्षण अभियंता लोनिवि ओमपाल सिंह, संभागीय परिवहन अधिकारी अनिता चमोला, अधिशासी अभियंता लोनिवि दीपक यादव एवं भृगु द्विवेदी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ऋषभ कुमार सहित एनएच, एनएचएआई और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।